मुहूर्त

शुभ होरा: आज की ग्रह होरा

चयनित स्थान और तिथि के लिए शुभ ग्रह होरा देखें।

गुरुवार, २२ अक्टूबर २०२६

सूर्योदय
६:१३ पूर्वाह्न
सूर्यास्त
५:४३ अपराह्न
दिन / रात
दिन ११ घं ३० मि
रात १२ घं ३१ मि

वर्तमान होरा

बुध होरा

४:४५ अपराह्न - ५:४३ अपराह्न

Budha - शिक्षा, संचार, व्यापार, समझौतों और विद्या प्राप्ति के लिए उत्तम।

अभी

दिन की होरा

६:१३ पूर्वाह्न – ५:४३ अपराह्न

क्र.होरासमय
१
गुरु होराशुभ
Guru - अत्यंत फलदायी तथा ज्ञान, विवेक और महत्वपूर्ण कार्यों के लिए शुभ।
६:१३ पूर्वाह्न-७:१० पूर्वाह्न
२
मंगल होरासामान्यतः वर्जित
Mangal - उत्साही और साहसी; शारीरिक श्रम, प्रतियोगिता और निर्माण कार्यों के लिए उपयुक्त।
७:१० पूर्वाह्न-८:०८ पूर्वाह्न
३
सूर्य होराशुभ
Surya - ऊर्जावान, शक्तिशाली और सरकारी व प्रशासनिक कार्यों के लिए उपयुक्त।
८:०८ पूर्वाह्न-९:०५ पूर्वाह्न
४
शुक्र होराशुभ
Shukra - संबंधों, सौंदर्य, कला, संगीत और सामाजिक गतिविधियों के लिए लाभकारी।
९:०५ पूर्वाह्न-१०:०३ पूर्वाह्न
५
बुध होराशुभ
Budha - शिक्षा, संचार, व्यापार, समझौतों और विद्या प्राप्ति के लिए उत्तम।
१०:०३ पूर्वाह्न-११:०० पूर्वाह्न
६
चंद्र होराशुभ
Chandra - सौम्य और सामान्य कार्यों, भोजन, बागवानी और रचनात्मक कार्यों के लिए अनुकूल।
११:०० पूर्वाह्न-११:५८ पूर्वाह्न
७
शनि होरासामान्यतः वर्जित
Shani - धीमी और विलंबकारी; शीघ्र परिणाम चाहने वाले कार्यों में सामान्यतः वर्जित।
११:५८ पूर्वाह्न-१२:५५ अपराह्न
८
गुरु होराशुभ
Guru - अत्यंत फलदायी तथा ज्ञान, विवेक और महत्वपूर्ण कार्यों के लिए शुभ।
१२:५५ अपराह्न-१:५३ अपराह्न
९
मंगल होरासामान्यतः वर्जित
Mangal - उत्साही और साहसी; शारीरिक श्रम, प्रतियोगिता और निर्माण कार्यों के लिए उपयुक्त।
१:५३ अपराह्न-२:५० अपराह्न
१०
सूर्य होराशुभ
Surya - ऊर्जावान, शक्तिशाली और सरकारी व प्रशासनिक कार्यों के लिए उपयुक्त।
२:५० अपराह्न-३:४८ अपराह्न
११
शुक्र होराशुभ
Shukra - संबंधों, सौंदर्य, कला, संगीत और सामाजिक गतिविधियों के लिए लाभकारी।
३:४८ अपराह्न-४:४५ अपराह्न
१२
बुध होराअभीशुभ
Budha - शिक्षा, संचार, व्यापार, समझौतों और विद्या प्राप्ति के लिए उत्तम।
४:४५ अपराह्न-५:४३ अपराह्न

रात्रि की होरा

५:४३ अपराह्न – ६:१४ पूर्वाह्न

क्र.होरासमय
१
चंद्र होराशुभ
Chandra - सौम्य और सामान्य कार्यों, भोजन, बागवानी और रचनात्मक कार्यों के लिए अनुकूल।
५:४३ अपराह्न-६:४५ अपराह्न
२
शनि होरासामान्यतः वर्जित
Shani - धीमी और विलंबकारी; शीघ्र परिणाम चाहने वाले कार्यों में सामान्यतः वर्जित।
६:४५ अपराह्न-७:४८ अपराह्न
३
गुरु होराशुभ
Guru - अत्यंत फलदायी तथा ज्ञान, विवेक और महत्वपूर्ण कार्यों के लिए शुभ।
७:४८ अपराह्न-८:५० अपराह्न
४
मंगल होरासामान्यतः वर्जित
Mangal - उत्साही और साहसी; शारीरिक श्रम, प्रतियोगिता और निर्माण कार्यों के लिए उपयुक्त।
८:५० अपराह्न-९:५३ अपराह्न
५
सूर्य होराशुभ
Surya - ऊर्जावान, शक्तिशाली और सरकारी व प्रशासनिक कार्यों के लिए उपयुक्त।
९:५३ अपराह्न-१०:५५ अपराह्न
६
शुक्र होराशुभ
Shukra - संबंधों, सौंदर्य, कला, संगीत और सामाजिक गतिविधियों के लिए लाभकारी।
१०:५५ अपराह्न-११:५८ अपराह्न
७
बुध होराशुभ
Budha - शिक्षा, संचार, व्यापार, समझौतों और विद्या प्राप्ति के लिए उत्तम।
११:५८ अपराह्न-१:०१ पूर्वाह्न
८
चंद्र होराशुभ
Chandra - सौम्य और सामान्य कार्यों, भोजन, बागवानी और रचनात्मक कार्यों के लिए अनुकूल।
१:०१ पूर्वाह्न-२:०३ पूर्वाह्न
९
शनि होरासामान्यतः वर्जित
Shani - धीमी और विलंबकारी; शीघ्र परिणाम चाहने वाले कार्यों में सामान्यतः वर्जित।
२:०३ पूर्वाह्न-३:०६ पूर्वाह्न
१०
गुरु होराशुभ
Guru - अत्यंत फलदायी तथा ज्ञान, विवेक और महत्वपूर्ण कार्यों के लिए शुभ।
३:०६ पूर्वाह्न-४:०८ पूर्वाह्न
११
मंगल होरासामान्यतः वर्जित
Mangal - उत्साही और साहसी; शारीरिक श्रम, प्रतियोगिता और निर्माण कार्यों के लिए उपयुक्त।
४:०८ पूर्वाह्न-५:११ पूर्वाह्न
१२
सूर्य होराशुभ
Surya - ऊर्जावान, शक्तिशाली और सरकारी व प्रशासनिक कार्यों के लिए उपयुक्त।
५:११ पूर्वाह्न-६:१४ पूर्वाह्न

शुभ होरा

१७

पारंपरिक रूप से उपयुक्त कार्यों के लिए लाभकारी मानी जाती है।

सामान्यतः वर्जित

७

शीघ्र व शुभ परिणाम चाहने वाले कार्यों के लिए पारंपरिक रूप से टालें।

शुभ होरा के बारे में

होरा ग्रहों के समय विभाजन की एक पारंपरिक वैदिक प्रणाली है। इसमें सात ग्रहों की होरा पूरे दिन-रात एक निश्चित क्रम में दोहराई जाती है। संपूर्ण पंचांग दिन में 24 होरा होती हैं, जिसमें 12 सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच और 12 सूर्यास्त से अगले सूर्योदय के बीच होती हैं।

दिन की पहली होरा उस दिन के वार के स्वामी ग्रह द्वारा निर्धारित होती है। शेष होराएं पारंपरिक ग्रहीय क्रम का पालन करती हैं।

होरा की उपयुक्तता पारंपरिक मार्गदर्शन है जो उद्देश्य और पंचांग परंपरा के अनुसार भिन्न हो सकती है।