हिन्दू कैलेंडर एवं पंचांग ज्ञान
वैदिक काल-गणना के पाँच अंगों (तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण) का प्रामाणिक संदर्भ ग्रंथ।
प्रतिपदा
प्रतिपदा वैदिक पंचांग की पवित्र १वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव अग्नि देव हैं और प्रकृति वृद्धि प्रदा (उन्नति व समृद्धि
द्वितीया
द्वितीया वैदिक पंचांग की पवित्र २वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव भगवान ब्रह्मा हैं और प्रकृति मंगल प्रदा (कल्याणकारी व श
तृतीया
तृतीया वैदिक पंचांग की पवित्र ३वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव माता गौरी (पार्वती) हैं और प्रकृति बल प्रदा (शक्ति व ऊर्ज
चतुर्थी
चतुर्थी वैदिक पंचांग की पवित्र ४वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव भगवान गणेश (विघ्नहर्ता) हैं और प्रकृति रिक्ता (संकट-निवा
पंचमी
पञ्चमी
पंचमी वैदिक पंचांग की पवित्र ५वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव नाग देव व माँ सरस्वती हैं और प्रकृति लक्ष्मी प्रदा (धन व ऐ
षष्ठी
षष्ठी वैदिक पंचांग की पवित्र ६वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव भगवान कार्तिकेय (स्कंद) हैं और प्रकृति यश प्रदा (ख्याति व
सप्तमी
सप्तमी वैदिक पंचांग की पवित्र ७वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव भगवान सूर्य देव हैं और प्रकृति मित्र प्रदा (मैत्री व सौहा
अष्टमी
अष्टमी वैदिक पंचांग की पवित्र ८वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव माँ दुर्गा व भगवान शिव हैं और प्रकृति जया प्रदा (विजय व स
नवमी
नवमी वैदिक पंचांग की पवित्र ९वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव माँ दुर्गा व भगवान राम हैं और प्रकृति रिक्ता (साहस व पराक्र
दशमी
दशमी वैदिक पंचांग की पवित्र १०वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव यमराज व दश दिक्पाल हैं और प्रकृति सौम्य प्रदा (शांति व मधु
एकादशी
एकादशी वैदिक पंचांग की पवित्र ११वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव भगवान विष्णु (नारायण) हैं और प्रकृति मोक्ष प्रदा (मुक्ति
द्वादशी
द्वादशी वैदिक पंचांग की पवित्र १२वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव भगवान विष्णु हैं और प्रकृति यश प्रदा (ख्याति व सम्मान)
त्रयोदशी
त्रयोदशी वैदिक पंचांग की पवित्र १३वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव कामदेव व भगवान शिव हैं और प्रकृति जया प्रदा (विजय व सि
चतुर्दशी
चतुर्दशी वैदिक पंचांग की पवित्र १४वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव भगवान शिव व माँ काली हैं और प्रकृति उग्र / क्रूर (तेजस
पूर्णिमा
पूर्णिमा वैदिक पंचांग की पवित्र १५वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव चंद्र देव व भगवान सत्यनारायण हैं और प्रकृति सम्पूर्ण (
कृष्ण प्रतिपदा
कृष्ण प्रतिपदा वैदिक पंचांग की पवित्र १६वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव अग्नि देव हैं और प्रकृति वृद्धि प्रदा (उन्नति व
कृष्ण द्वितीया
कृष्ण द्वितीया वैदिक पंचांग की पवित्र १७वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव भगवान ब्रह्मा हैं और प्रकृति मंगल प्रदा (कल्याणक
कृष्ण तृतीया
कृष्ण तृतीया वैदिक पंचांग की पवित्र १८वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव माता गौरी (पार्वती) हैं और प्रकृति बल प्रदा (शक्ति
कृष्ण चतुर्थी
कृष्ण चतुर्थी वैदिक पंचांग की पवित्र १९वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव भगवान गणेश (विघ्नहर्ता) हैं और प्रकृति रिक्ता (सं
कृष्ण पंचमी
कृष्ण पञ्चमी
कृष्ण पंचमी वैदिक पंचांग की पवित्र २०वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव नाग देव व माँ सरस्वती हैं और प्रकृति लक्ष्मी प्रदा
कृष्ण षष्ठी
कृष्ण षष्ठी वैदिक पंचांग की पवित्र २१वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव भगवान कार्तिकेय (स्कंद) हैं और प्रकृति यश प्रदा (ख्
कृष्ण सप्तमी
कृष्ण सप्तमी वैदिक पंचांग की पवित्र २२वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव भगवान सूर्य देव हैं और प्रकृति मित्र प्रदा (मैत्री
कृष्ण अष्टमी
कृष्ण अष्टमी वैदिक पंचांग की पवित्र २३वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव माँ दुर्गा व भगवान शिव हैं और प्रकृति जया प्रदा (व
कृष्ण नवमी
कृष्ण नवमी वैदिक पंचांग की पवित्र २४वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव माँ दुर्गा व भगवान राम हैं और प्रकृति रिक्ता (साहस व
कृष्ण दशमी
कृष्ण दशमी वैदिक पंचांग की पवित्र २५वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव यमराज व दश दिक्पाल हैं और प्रकृति सौम्य प्रदा (शांति
कृष्ण एकादशी
कृष्ण एकादशी वैदिक पंचांग की पवित्र २६वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव भगवान विष्णु (नारायण) हैं और प्रकृति मोक्ष प्रदा (
कृष्ण द्वादशी
कृष्ण द्वादशी वैदिक पंचांग की पवित्र २७वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव भगवान विष्णु हैं और प्रकृति यश प्रदा (ख्याति व सम
कृष्ण त्रयोदशी
कृष्ण त्रयोदशी वैदिक पंचांग की पवित्र २८वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव कामदेव व भगवान शिव हैं और प्रकृति जया प्रदा (विज
कृष्ण चतुर्दशी
कृष्ण चतुर्दशी वैदिक पंचांग की पवित्र २९वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव भगवान शिव व माँ काली हैं और प्रकृति उग्र / क्रूर
अमावस्या
अमावस्या वैदिक पंचांग की पवित्र ३०वीं तिथि है। इसके अधिष्ठाता देव पितृगण व माँ लक्ष्मी हैं और प्रकृति पितृ प्रदा (गहन व