२७ नक्षत्र मंडल
१०

मघा

मघा भचक्र का १०वाँ नक्षत्र है। इसके अधिपति देव पितृगण (पूर्वज) और स्वामी ग्रह केतु हैं।

अधिष्ठाता देवतापितृगण (पूर्वज)
स्वामी ग्रहकेतु
प्रकृतिउग्र / क्रूर (तेजस्वी व दृढ़)
तत्वअग्नि तत्त्व
प्रतीकराज सिंहासन
शुभ / अनुकूल
  • •अग्नि से जुड़े कार्य
  • •विषैली औषधियों पर शोध
  • •शस्त्रों की खरीद-बिक्री और उपयोग, और बंदूक का लाइसेंस लेना
  • •शल्य क्रियाएँ
  • •विवाह के लिए शुभ माने गए नक्षत्रों में गिना जाता है।
प्रतिकूल
  • •हानिकारक मानकर विवाह के लिए इसका पहला चरण छोड़ दिया जाता है।
  • •गृह प्रवेश के लिए शुभ माने गए नक्षत्रों में नहीं है।