१६ ज्येष्ठ
विक्रम संवत २०८३ • कृष्ण पक्षचंद्र व सूर्य अवलोकन
खगोलीय गणना व मानपंचांग मुख्य तत्व
नीचे विवरण देखेंशुभ और अशुभ मुहूर्त
इस मास में कोई प्रमुख पर्व अभिलिखित नहीं है।
१२ हिन्दू चंद्र मास
अमान्त एवं पूर्णिमांत गणना चक्र
चैत्र (चैत्रः)
लगभग मार्च – अप्रैलवैदिक चंद्र वर्ष का प्रथम मास। हिन्दू नववर्ष (चैत्र नवरात्रि, गुड़ी पड़वा, उगादी) एवं राम नवमी का पावन काल।
वैशाख (वैशाखः)
लगभग अप्रैल – मईदान एवं जल सेवा का परम पावन मास। अक्षय तृतीया, नृसिंह जयंती और बुद्ध पूर्णिमा का उत्सव काल।
ज्येष्ठ (ज्येष्ठः)
लगभग मई – जूनगंगा दशहरा, निर्जला एकादशी और वट सावित्री पूर्णिमा का प्रमुख व्रत काल।
आषाढ़ (आषाढः)
लगभग जून – जुलाईदेवशयनी एकादशी से चातुर्मास का आरंभ। जगन्नाथ रथयात्रा व गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व।
श्रावण (श्रावणः)
लगभग जुलाई – अगस्तभगवान शिव की आराधना का परम प्रिय मास। श्रावण सोमवार, नाग पंचमी, रक्षाबंधन एवं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का महोत्सव।
भाद्रपद (भाद्रपदः)
लगभग अगस्त – सितम्बरगणेश चतुर्थी, राधा अष्टमी, अनंत चतुर्दशी एवं पितृ पक्ष श्राद्ध का पावन मास।
आश्विन (आश्विनः)
लगभग सितम्बर – अक्टूबरशारदीय नवरात्रि, दुर्गा पूजा, विजयादशमी (दशहरा), शरद पूर्णिमा एवं करवा चौथ।
कार्तिक (कार्तिकः)
लगभग अक्टूबर – नवम्बरदीपोत्सव: धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भाई दूज, छठ पूजा, देवउठनी एकादशी व तुलसी विवाह।
मार्गशीर्ष (मार्गशीर्षः)
लगभग नवम्बर – दिसम्बरगीता में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अपना स्वरूप बताया गया मास। गीता जयंती, मोक्षदा एकादशी और दत्तात्रेय जयंती।
पौष (पौषः)
लगभग दिसम्बर – जनवरीसूर्य उपासना का पावन मास। मकर संक्रांति (पोंगल/उत्तरायण), पुत्रदा एकादशी एवं शाकम्भरी पूर्णिमा।
माघ (माघः)
लगभग जनवरी – फ़रवरीपवित्र तीर्थ स्नान का पावन मास। वसंत पंचमी (सरस्वती पूजा), रथ सप्तमी और माघ पूर्णिमा।
फाल्गुन (फाल्गुनः)
लगभग फ़रवरी – मार्चहिन्दू चंद्र वर्ष का अंतिम मास। महाशिवरात्रि, होलिका दहन एवं रंगोत्सव (होली/दोल यात्रा) का आनंदमय काल।