योग

शुभ योग की तिथियाँ

कोई योग चुनें और देखें कि वह कब आता है, आपके स्थान पर आरंभ और समाप्ति के समय सहित।

रवि योग

रवि योग

सूर्य का सुरक्षा कवच। अशुभ योगों और ग्रह दोषों को शांत करता है।

सूर्य-चंद्र अंतरतिथियाँ देखें

सर्वार्थ सिद्धि योग

सर्वार्थ सिद्धि

सर्वत्र सफलता। व्यापार और कानूनी समझौतों में सभी इच्छाएँ पूरी करने वाला।

वार + नक्षत्रतिथियाँ देखें

अमृत सिद्धि योग

अमृत सिद्धि

स्थायी अमृत। उपचार, शपथ और दीर्घकालिक कार्यों के लिए सर्वोत्तम।

वार + नक्षत्रतिथियाँ देखें

द्विपुष्कर योग

द्विपुष्कर

दो बार दोहराता है। बैंक जमा और संपत्ति खरीदने के लिए उत्तम। उधार लेने से बचें।

भद्रा + वारतिथियाँ देखें

त्रिपुष्कर योग

त्रिपुष्कर

तीन बार दोहराता है। निवेश का लाभ तिगुना करता है। कर्ज़ और विवादों से बचें।

भद्रा + वारतिथियाँ देखें

रवि पुष्य योग

रवि पुष्य

सूर्य की समृद्धि। भूमि-भवन, वाहन खरीद और अनुष्ठानों के लिए सर्वोत्तम।

रविवार + पुष्यतिथियाँ देखें

गुरु पुष्य योग

गुरु पुष्य

मुहूर्तों का राजा। सोना खरीदने और आर्थिक निवेश के लिए सर्वोत्तम।

गुरुवार + पुष्यतिथियाँ देखें

मैत्रेय योग

मैत्रेय

ग्रहों का सामंजस्य। कर्ज़ से स्थायी मुक्ति के लिए अत्यंत प्रभावी।

नक्षत्र + लग्नतिथियाँ देखें

तमिल सिद्ध योग

तमिल सिद्ध

तमिल पंचांग का सामान्य शुभ योग। रोज़मर्रा के कार्य शुरू करने के लिए अनुकूल।

वार + नक्षत्रतिथियाँ देखें

तमिल अमृत योग

तमिल अमृत

तमिल पंचांग का सर्वश्रेष्ठ योग। महत्वपूर्ण आरंभ के लिए अनुकूल।

वार + नक्षत्रतिथियाँ देखें

श्राद्ध योग

पितृ पक्ष के अनुष्ठान

अशुभ योग

नए कार्यों के लिए परंपरागत रूप से त्यागे जाने वाले योग

आडल योग

आडल योग

नए आरंभ के लिए परंपरा से वर्जित। महत्वपूर्ण कार्य के लिए दूसरा मुहूर्त चुनें।

सूर्य-चंद्र अंतर (२८)तिथियाँ देखें

विडाल योग

विडाल योग

नए आरंभ के लिए परंपरा से वर्जित। महत्वपूर्ण कार्य के लिए दूसरा मुहूर्त चुनें।

सूर्य-चंद्र अंतर (२८)तिथियाँ देखें

दग्ध योग

दग्ध योग

"जला हुआ" योग। नए आरंभ और अनुष्ठानों के लिए परंपरा से वर्जित।

वार + तिथितिथियाँ देखें

क्रकच योग

क्रकच योग

"आरी" योग। नए आरंभ और यात्राओं के लिए परंपरा से वर्जित।

वार + तिथि = १३तिथियाँ देखें

विष योग

विष योग

"विष" योग। नए आरंभ और अनुष्ठानों के लिए परंपरा से वर्जित।

वार + तिथितिथियाँ देखें

हुताशन योग

हुताशन योग

"अग्नि" योग। नए आरंभ और अनुष्ठानों के लिए परंपरा से वर्जित।

वार + तिथितिथियाँ देखें

संवर्तक योग

संवर्तक योग

दुर्लभ अशुभ योग। नए आरंभ के लिए परंपरा से वर्जित।

वार + तिथितिथियाँ देखें

वैधृति

वैधृति

२७ योगों में २७वाँ। नए आरंभ के लिए परंपरा से वर्जित।

सूर्य + चंद्र (२७ योग)तिथियाँ देखें

व्यतीपात

व्यतीपात

२७ योगों में १७वाँ। नए आरंभ के लिए परंपरा से वर्जित।

सूर्य + चंद्र (२७ योग)तिथियाँ देखें

परिघ (पूर्वार्ध)

परिघ

२७ योगों में १९वाँ। इसका पूर्वार्ध परंपरा से वर्जित है।

सूर्य + चंद्र (२७ योग)तिथियाँ देखें