अशुभ (अमंगलकारी)•योग · नक्षत्र

आडल योग

आडल योग तब रहता है जब सूर्य के नक्षत्र से गिनने पर (28 नक्षत्रों की गणना में, अभिजित सहित, सूर्य का नक्षत्र पहला) चंद्रमा का नक्षत्र नीचे दिए गए स्थानों में से किसी एक पर हो।

०१
अगली बार

९:०२ अपराह्न, २३ अक्टू॰

आरंभशुक्र, २३ अक्टू॰, ९:०२ अपराह्न
समाप्तिशनि, २४ अक्टू॰, ६:१४ पूर्वाह्न

अक्टूबर २०२६ का कार्यक्रम

स्थान: भारत

२शुक्र

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ४:२७ पूर्वाह्न, २ अक्टू॰

समाप्ति: ६:०६ पूर्वाह्न, २ अक्टू॰

सूर्य नक्षत्र: हस्त · चंद्र नक्षत्र: मृगशिरा

२शुक्र

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ६:०६ पूर्वाह्न, २ अक्टू॰

समाप्ति: २:५४ पूर्वाह्न, ३ अक्टू॰

सूर्य नक्षत्र: हस्त · चंद्र नक्षत्र: मृगशिरा

४रवि

अक्टूबर २०२६

आरंभ: १:२९ पूर्वाह्न, ४ अक्टू॰

समाप्ति: ६:०६ पूर्वाह्न, ४ अक्टू॰

सूर्य नक्षत्र: हस्त · चंद्र नक्षत्र: पुनर्वसु

४रवि

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ६:०६ पूर्वाह्न, ४ अक्टू॰

समाप्ति: १२:१३ पूर्वाह्न, ५ अक्टू॰

सूर्य नक्षत्र: हस्त · चंद्र नक्षत्र: पुनर्वसु

८गुरु

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ९:१९ अपराह्न, ८ अक्टू॰

समाप्ति: ६:०८ पूर्वाह्न, ९ अक्टू॰

सूर्य नक्षत्र: हस्त · चंद्र नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी

९शुक्र

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ६:०८ पूर्वाह्न, ९ अक्टू॰

समाप्ति: ९:१९ अपराह्न, ९ अक्टू॰

सूर्य नक्षत्र: हस्त · चंद्र नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी

१०शनि

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ९:४२ अपराह्न, १० अक्टू॰

समाप्ति: २:१६ पूर्वाह्न, ११ अक्टू॰

सूर्य नक्षत्र: हस्त · चंद्र नक्षत्र: चित्रा

११रवि

अक्टूबर २०२६

आरंभ: १०:३२ अपराह्न, ११ अक्टू॰

समाप्ति: ६:०९ पूर्वाह्न, १२ अक्टू॰

सूर्य नक्षत्र: चित्रा · चंद्र नक्षत्र: स्वाति

१२सोम

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ६:०९ पूर्वाह्न, १२ अक्टू॰

समाप्ति: ११:५१ अपराह्न, १२ अक्टू॰

सूर्य नक्षत्र: चित्रा · चंद्र नक्षत्र: स्वाति

१७शनि

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ९:४६ पूर्वाह्न, १७ अक्टू॰

समाप्ति: ६:११ पूर्वाह्न, १८ अक्टू॰

सूर्य नक्षत्र: चित्रा · चंद्र नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा

१८रवि

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ६:११ पूर्वाह्न, १८ अक्टू॰

समाप्ति: १२:४८ अपराह्न, १८ अक्टू॰

सूर्य नक्षत्र: चित्रा · चंद्र नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा

१९सोम

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ८:५७ पूर्वाह्न, १९ अक्टू॰

समाप्ति: ५:२४ अपराह्न, १९ अक्टू॰

सूर्य नक्षत्र: चित्रा · चंद्र नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा

२३शुक्र

अक्टूबर २०२६

अगली बार

आरंभ: ९:०२ अपराह्न, २३ अक्टू॰

समाप्ति: ६:१४ पूर्वाह्न, २४ अक्टू॰

सूर्य नक्षत्र: चित्रा · चंद्र नक्षत्र: उत्तराभाद्रपद

२४शनि

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ६:१४ पूर्वाह्न, २४ अक्टू॰

समाप्ति: १२:४६ अपराह्न, २४ अक्टू॰

सूर्य नक्षत्र: चित्रा · चंद्र नक्षत्र: उत्तराभाद्रपद

२४शनि

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ८:३१ अपराह्न, २४ अक्टू॰

समाप्ति: ६:१५ पूर्वाह्न, २५ अक्टू॰

सूर्य नक्षत्र: स्वाति · चंद्र नक्षत्र: रेवती

२५रवि

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ६:१५ पूर्वाह्न, २५ अक्टू॰

समाप्ति: ७:२१ अपराह्न, २५ अक्टू॰

सूर्य नक्षत्र: स्वाति · चंद्र नक्षत्र: रेवती

२६सोम

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ५:४१ अपराह्न, २६ अक्टू॰

समाप्ति: ६:१६ पूर्वाह्न, २७ अक्टू॰

सूर्य नक्षत्र: स्वाति · चंद्र नक्षत्र: भरणी

२७मंगल

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ६:१६ पूर्वाह्न, २७ अक्टू॰

समाप्ति: ३:३९ अपराह्न, २७ अक्टू॰

सूर्य नक्षत्र: स्वाति · चंद्र नक्षत्र: भरणी

३१शनि

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ७:११ पूर्वाह्न, ३१ अक्टू॰

समाप्ति: ५:३९ पूर्वाह्न, १ नव॰

सूर्य नक्षत्र: स्वाति · चंद्र नक्षत्र: पुनर्वसु

आडल योग क्या है?

आडल योग तब रहता है जब सूर्य के नक्षत्र से गिनने पर (28 नक्षत्रों की गणना में, अभिजित सहित, सूर्य का नक्षत्र पहला) चंद्रमा का नक्षत्र नीचे दिए गए स्थानों में से किसी एक पर हो।

  • २वाँ
  • ७वाँ
  • ९वाँ
  • १४वाँ
  • १६वाँ
  • २१वाँ
  • २३वाँ
  • २८वाँ

अशुभ योग वार, तिथि या नक्षत्र का ऐसा संयोग है जिसमें परंपरा नए कार्य, समारोह और यात्रा आरंभ करने की सलाह नहीं देती। ऐसे समय में सामान्यतः दूसरा मुहूर्त चुना जाता है।

पारंपरिक महत्व

पंचांग का अनुसरण करने वाले लोग इन योगों में से कोई योग चल रहा हो तो महत्वपूर्ण शुभ कार्यों के लिए सामान्यतः दूसरा मुहूर्त चुनते हैं। दैनिक कामकाज पर सामान्यतः कोई रोक नहीं मानी जाती।

समय आपके चुने हुए स्थान के अनुसार निकाले गए हैं (जब तक आप कोई स्थान न चुनें, भारत के लिए)। अपने स्थान के पूरे दिन के लिए दैनिक पंचांग खोलें।