शुभ (मंगलकारी)•योग · तिथि · वार · नक्षत्र

त्रिपुष्कर योग

त्रिपुष्कर योग तब तक रहता है जब रविवार, मंगलवार या शनिवार को भद्रा तिथि (किसी भी पक्ष की द्वितीया, सप्तमी या द्वादशी) हो और चंद्रमा कृत्तिका, पुनर्वसु, उत्तरा फाल्गुनी, विशाखा, उत्तराषाढ़ा या पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र में हो।

०५
अगली बार

३:३९ अपराह्न, २७ अक्टू॰

आरंभमंगल, २७ अक्टू॰, ३:३९ अपराह्न
समाप्तिबुध, २८ अक्टू॰, ४:०७ पूर्वाह्न

२०२६ का मासिक कार्यक्रम

स्थान: भारत · वर्ष: २०२६

४रवि

जनवरी २०२६

आरंभ: १२:३० अपराह्न, ४ जन॰

समाप्ति: ३:११ अपराह्न, ४ जन॰

वार (सूर्योदय से): रविवार · तिथि: कृष्ण द्वितीया · चंद्र नक्षत्र: पुनर्वसु

२४मंगल

फ़रवरी २०२६

आरंभ: ६:४० पूर्वाह्न, २४ फ़र॰

समाप्ति: ७:०२ पूर्वाह्न, २४ फ़र॰

वार (सूर्योदय से): मंगलवार · तिथि: शुक्ल सप्तमी · चंद्र नक्षत्र: कृत्तिका

२८शनि

फ़रवरी २०२६

आरंभ: ६:३७ पूर्वाह्न, २८ फ़र॰

समाप्ति: ९:३४ पूर्वाह्न, २८ फ़र॰

वार (सूर्योदय से): शनिवार · तिथि: शुक्ल द्वादशी · चंद्र नक्षत्र: पुनर्वसु

१४मंगल

अप्रैल २०२६

आरंभ: ४:०५ अपराह्न, १४ अप्रैल

समाप्ति: १२:१२ पूर्वाह्न, १५ अप्रैल

वार (सूर्योदय से): मंगलवार · तिथि: कृष्ण द्वादशी · चंद्र नक्षत्र: पूर्वाभाद्रपद

१९रवि

अप्रैल २०२६

आरंभ: ७:०९ पूर्वाह्न, १९ अप्रैल

समाप्ति: १०:४९ पूर्वाह्न, १९ अप्रैल

वार (सूर्योदय से): रविवार · तिथि: शुक्ल द्वितीया · चंद्र नक्षत्र: कृत्तिका

२८मंगल

अप्रैल २०२६

आरंभ: ५:४४ पूर्वाह्न, २८ अप्रैल

समाप्ति: ६:५२ अपराह्न, २८ अप्रैल

वार (सूर्योदय से): मंगलवार · तिथि: शुक्ल द्वादशी · चंद्र नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी

३रवि

मई २०२६

आरंभ: १२:५० पूर्वाह्न, ३ मई

समाप्ति: ५:४० पूर्वाह्न, ३ मई

वार (सूर्योदय से): शनिवार · तिथि: कृष्ण द्वितीया · चंद्र नक्षत्र: विशाखा

३रवि

मई २०२६

आरंभ: ५:४० पूर्वाह्न, ३ मई

समाप्ति: ७:०९ पूर्वाह्न, ३ मई

वार (सूर्योदय से): रविवार · तिथि: कृष्ण द्वितीया · चंद्र नक्षत्र: विशाखा

१६मंगल

जून २०२६

आरंभ: ४:१२ अपराह्न, १६ जून

समाप्ति: १२:५२ पूर्वाह्न, १७ जून

वार (सूर्योदय से): मंगलवार · तिथि: शुक्ल द्वितीया · चंद्र नक्षत्र: पुनर्वसु

२१रवि

जून २०२६

आरंभ: ९:३१ पूर्वाह्न, २१ जून

समाप्ति: ३:२१ अपराह्न, २१ जून

वार (सूर्योदय से): रविवार · तिथि: शुक्ल सप्तमी · चंद्र नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी

११शनि

जुलाई २०२६

आरंभ: ५:३६ पूर्वाह्न, ११ जुल॰

समाप्ति: ११:०३ पूर्वाह्न, ११ जुल॰

वार (सूर्योदय से): शनिवार · तिथि: कृष्ण द्वादशी · चंद्र नक्षत्र: कृत्तिका

२५मंगल

अगस्त २०२६

आरंभ: ५:५५ पूर्वाह्न, २५ अग॰

समाप्ति: ६:२१ पूर्वाह्न, २५ अग॰

वार (सूर्योदय से): मंगलवार · तिथि: शुक्ल द्वादशी · चंद्र नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा

२९शनि

अगस्त २०२६

आरंभ: ९:५७ पूर्वाह्न, २९ अग॰

समाप्ति: ३:४२ पूर्वाह्न, ३० अग॰

वार (सूर्योदय से): शनिवार · तिथि: कृष्ण द्वितीया · चंद्र नक्षत्र: पूर्वाभाद्रपद

१२शनि

सितंबर २०२६

आरंभ: ७:४६ पूर्वाह्न, १२ सित॰

समाप्ति: १२:५५ अपराह्न, १२ सित॰

वार (सूर्योदय से): शनिवार · तिथि: शुक्ल द्वितीया · चंद्र नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी

२७मंगल

अक्टूबर २०२६

वर्तमान माह

आरंभ: ३:३९ अपराह्न, २७ अक्टू॰

समाप्ति: ४:०७ पूर्वाह्न, २८ अक्टू॰

वार (सूर्योदय से): मंगलवार · तिथि: कृष्ण द्वितीया · चंद्र नक्षत्र: कृत्तिका

३१शनि

अक्टूबर २०२६

वर्तमान माह

आरंभ: ४:५७ अपराह्न, ३१ अक्टू॰

समाप्ति: ५:३९ पूर्वाह्न, १ नव॰

वार (सूर्योदय से): शनिवार · तिथि: कृष्ण सप्तमी · चंद्र नक्षत्र: पुनर्वसु

२९मंगल

दिसंबर २०२६

आरंभ: ३:४२ अपराह्न, २९ दिस॰

समाप्ति: ६:५३ पूर्वाह्न, ३० दिस॰

वार (सूर्योदय से): मंगलवार · तिथि: कृष्ण सप्तमी · चंद्र नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी

त्रिपुष्कर योग क्या है?

त्रिपुष्कर योग तब तक रहता है जब रविवार, मंगलवार या शनिवार को भद्रा तिथि (किसी भी पक्ष की द्वितीया, सप्तमी या द्वादशी) हो और चंद्रमा कृत्तिका, पुनर्वसु, उत्तरा फाल्गुनी, विशाखा, उत्तराषाढ़ा या पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र में हो।

  • रविवार
  • मंगलवार
  • शनिवार
  • कृत्तिका
  • पुनर्वसु
  • उत्तराफाल्गुनी
  • विशाखा
  • उत्तराषाढ़ा
  • पूर्वाभाद्रपद

त्रिपुष्कर योग को परंपरागत रूप से ऐसे कार्यों से जोड़ा जाता है जिनका फल तीन गुना माना जाता है।

पारंपरिक महत्व

त्रिपुष्कर शब्द इस पारंपरिक विश्वास को दर्शाता है कि इस योग में शुरू किया गया कार्य तीन गुना फल दे सकता है।

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