जनवरी २०२६
आरंभ: १:०६ अपराह्न, २० जन॰
समाप्ति: २:४२ पूर्वाह्न, २१ जन॰
वार (सूर्योदय से): मंगलवार · तिथि: शुक्ल द्वितीया · चंद्र नक्षत्र: धनिष्ठा
द्विपुष्कर योग तब तक रहता है जब रविवार, मंगलवार या शनिवार को भद्रा तिथि (किसी भी पक्ष की द्वितीया, सप्तमी या द्वादशी) हो और चंद्रमा मृगशिरा, चित्रा या धनिष्ठा नक्षत्र में हो।
६:४० पूर्वाह्न, ५ दिस॰
स्थान: भारत · वर्ष: २०२६
आरंभ: १:०६ अपराह्न, २० जन॰
समाप्ति: २:४२ पूर्वाह्न, २१ जन॰
वार (सूर्योदय से): मंगलवार · तिथि: शुक्ल द्वितीया · चंद्र नक्षत्र: धनिष्ठा
आरंभ: ५:५५ पूर्वाह्न, १६ मार्च
समाप्ति: ६:२२ पूर्वाह्न, १६ मार्च
वार (सूर्योदय से): रविवार · तिथि: कृष्ण द्वादशी · चंद्र नक्षत्र: धनिष्ठा
आरंभ: ७:०४ अपराह्न, २४ मार्च
समाप्ति: ६:१४ पूर्वाह्न, २५ मार्च
वार (सूर्योदय से): मंगलवार · तिथि: शुक्ल सप्तमी · चंद्र नक्षत्र: मृगशिरा
आरंभ: २:४१ पूर्वाह्न, ७ जून
समाप्ति: ५:२९ पूर्वाह्न, ७ जून
वार (सूर्योदय से): शनिवार · तिथि: कृष्ण सप्तमी · चंद्र नक्षत्र: धनिष्ठा
आरंभ: ५:२९ पूर्वाह्न, ७ जून
समाप्ति: ७:५५ पूर्वाह्न, ७ जून
वार (सूर्योदय से): रविवार · तिथि: कृष्ण सप्तमी · चंद्र नक्षत्र: धनिष्ठा
आरंभ: ११:०५ पूर्वाह्न, ९ अग॰
समाप्ति: २:४३ अपराह्न, ९ अग॰
वार (सूर्योदय से): रविवार · तिथि: कृष्ण द्वादशी · चंद्र नक्षत्र: मृगशिरा
आरंभ: ९:३१ अपराह्न, ११ अक्टू॰
समाप्ति: १०:३२ अपराह्न, ११ अक्टू॰
वार (सूर्योदय से): रविवार · तिथि: शुक्ल द्वितीया · चंद्र नक्षत्र: चित्रा
आरंभ: ६:४० पूर्वाह्न, ५ दिस॰
समाप्ति: ११:४८ पूर्वाह्न, ५ दिस॰
वार (सूर्योदय से): शनिवार · तिथि: कृष्ण द्वादशी · चंद्र नक्षत्र: चित्रा
द्विपुष्कर योग तब तक रहता है जब रविवार, मंगलवार या शनिवार को भद्रा तिथि (किसी भी पक्ष की द्वितीया, सप्तमी या द्वादशी) हो और चंद्रमा मृगशिरा, चित्रा या धनिष्ठा नक्षत्र में हो।
द्विपुष्कर योग को परंपरागत रूप से ऐसे कार्यों से जोड़ा जाता है जिनका फल दोगुना माना जाता है।
द्विपुष्कर शब्द इस पारंपरिक विश्वास को दर्शाता है कि इस योग में शुरू किए गए कार्यों का फल दोगुना होता है।
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