अक्टूबर २०२६
आरंभ: ११:३९ पूर्वाह्न, १ अक्टू॰
समाप्ति: १२:२७ अपराह्न, १ अक्टू॰
अवधि: ४८ मिनट · सूर्योदय: ६:०५ पूर्वाह्न
पारंपरिक रूप से अत्यंत शुभ और दोष निवारक मध्याह्न काल माना जाता है।
११:३५ पूर्वाह्न, २३ अक्टू॰
स्थान: भारत
आरंभ: ११:३९ पूर्वाह्न, १ अक्टू॰
समाप्ति: १२:२७ अपराह्न, १ अक्टू॰
अवधि: ४८ मिनट · सूर्योदय: ६:०५ पूर्वाह्न
आरंभ: ११:३९ पूर्वाह्न, २ अक्टू॰
समाप्ति: १२:२७ अपराह्न, २ अक्टू॰
अवधि: ४८ मिनट · सूर्योदय: ६:०६ पूर्वाह्न
आरंभ: ११:३९ पूर्वाह्न, ३ अक्टू॰
समाप्ति: १२:२६ अपराह्न, ३ अक्टू॰
अवधि: ४८ मिनट · सूर्योदय: ६:०६ पूर्वाह्न
आरंभ: ११:३८ पूर्वाह्न, ४ अक्टू॰
समाप्ति: १२:२६ अपराह्न, ४ अक्टू॰
अवधि: ४८ मिनट · सूर्योदय: ६:०६ पूर्वाह्न
आरंभ: ११:३८ पूर्वाह्न, ५ अक्टू॰
समाप्ति: १२:२६ अपराह्न, ५ अक्टू॰
अवधि: ४७ मिनट · सूर्योदय: ६:०७ पूर्वाह्न
आरंभ: ११:३८ पूर्वाह्न, ६ अक्टू॰
समाप्ति: १२:२५ अपराह्न, ६ अक्टू॰
अवधि: ४७ मिनट · सूर्योदय: ६:०७ पूर्वाह्न
आरंभ: ११:३७ पूर्वाह्न, ७ अक्टू॰
समाप्ति: १२:२५ अपराह्न, ७ अक्टू॰
अवधि: ४७ मिनट · ⚠️ बुधवार: शुभ कार्यों के लिए वर्जित
आरंभ: ११:३७ पूर्वाह्न, ८ अक्टू॰
समाप्ति: १२:२५ अपराह्न, ८ अक्टू॰
अवधि: ४७ मिनट · सूर्योदय: ६:०८ पूर्वाह्न
आरंभ: ११:३७ पूर्वाह्न, ९ अक्टू॰
समाप्ति: १२:२४ अपराह्न, ९ अक्टू॰
अवधि: ४७ मिनट · सूर्योदय: ६:०८ पूर्वाह्न
आरंभ: ११:३७ पूर्वाह्न, १० अक्टू॰
समाप्ति: १२:२४ अपराह्न, १० अक्टू॰
अवधि: ४७ मिनट · सूर्योदय: ६:०८ पूर्वाह्न
आरंभ: ११:३७ पूर्वाह्न, ११ अक्टू॰
समाप्ति: १२:२४ अपराह्न, ११ अक्टू॰
अवधि: ४७ मिनट · सूर्योदय: ६:०९ पूर्वाह्न
आरंभ: ११:३७ पूर्वाह्न, १२ अक्टू॰
समाप्ति: १२:२३ अपराह्न, १२ अक्टू॰
अवधि: ४७ मिनट · सूर्योदय: ६:०९ पूर्वाह्न
आरंभ: ११:३६ पूर्वाह्न, १३ अक्टू॰
समाप्ति: १२:२३ अपराह्न, १३ अक्टू॰
अवधि: ४७ मिनट · सूर्योदय: ६:०९ पूर्वाह्न
आरंभ: ११:३६ पूर्वाह्न, १४ अक्टू॰
समाप्ति: १२:२३ अपराह्न, १४ अक्टू॰
अवधि: ४७ मिनट · ⚠️ बुधवार: शुभ कार्यों के लिए वर्जित
आरंभ: ११:३६ पूर्वाह्न, १५ अक्टू॰
समाप्ति: १२:२२ अपराह्न, १५ अक्टू॰
अवधि: ४७ मिनट · सूर्योदय: ६:१० पूर्वाह्न
आरंभ: ११:३६ पूर्वाह्न, १६ अक्टू॰
समाप्ति: १२:२२ अपराह्न, १६ अक्टू॰
अवधि: ४६ मिनट · सूर्योदय: ६:११ पूर्वाह्न
आरंभ: ११:३५ पूर्वाह्न, १७ अक्टू॰
समाप्ति: १२:२२ अपराह्न, १७ अक्टू॰
अवधि: ४६ मिनट · सूर्योदय: ६:११ पूर्वाह्न
आरंभ: ११:३५ पूर्वाह्न, १८ अक्टू॰
समाप्ति: १२:२२ अपराह्न, १८ अक्टू॰
अवधि: ४६ मिनट · सूर्योदय: ६:११ पूर्वाह्न
आरंभ: ११:३५ पूर्वाह्न, १९ अक्टू॰
समाप्ति: १२:२२ अपराह्न, १९ अक्टू॰
अवधि: ४६ मिनट · सूर्योदय: ६:१२ पूर्वाह्न
आरंभ: ११:३५ पूर्वाह्न, २० अक्टू॰
समाप्ति: १२:२१ अपराह्न, २० अक्टू॰
अवधि: ४६ मिनट · सूर्योदय: ६:१२ पूर्वाह्न
आरंभ: ११:३५ पूर्वाह्न, २१ अक्टू॰
समाप्ति: १२:२१ अपराह्न, २१ अक्टू॰
अवधि: ४६ मिनट · ⚠️ बुधवार: शुभ कार्यों के लिए वर्जित
आरंभ: ११:३५ पूर्वाह्न, २२ अक्टू॰
समाप्ति: १२:२१ अपराह्न, २२ अक्टू॰
अवधि: ४६ मिनट · सूर्योदय: ६:१३ पूर्वाह्न
आरंभ: ११:३५ पूर्वाह्न, २३ अक्टू॰
समाप्ति: १२:२१ अपराह्न, २३ अक्टू॰
अवधि: ४६ मिनट · सूर्योदय: ६:१४ पूर्वाह्न
आरंभ: ११:३५ पूर्वाह्न, २४ अक्टू॰
समाप्ति: १२:२० अपराह्न, २४ अक्टू॰
अवधि: ४६ मिनट · सूर्योदय: ६:१४ पूर्वाह्न
आरंभ: ११:३५ पूर्वाह्न, २५ अक्टू॰
समाप्ति: १२:२० अपराह्न, २५ अक्टू॰
अवधि: ४६ मिनट · सूर्योदय: ६:१५ पूर्वाह्न
आरंभ: ११:३५ पूर्वाह्न, २६ अक्टू॰
समाप्ति: १२:२० अपराह्न, २६ अक्टू॰
अवधि: ४६ मिनट · सूर्योदय: ६:१५ पूर्वाह्न
आरंभ: ११:३५ पूर्वाह्न, २७ अक्टू॰
समाप्ति: १२:२० अपराह्न, २७ अक्टू॰
अवधि: ४६ मिनट · सूर्योदय: ६:१६ पूर्वाह्न
आरंभ: ११:३४ पूर्वाह्न, २८ अक्टू॰
समाप्ति: १२:२० अपराह्न, २८ अक्टू॰
अवधि: ४६ मिनट · ⚠️ बुधवार: शुभ कार्यों के लिए वर्जित
आरंभ: ११:३५ पूर्वाह्न, २९ अक्टू॰
समाप्ति: १२:२० अपराह्न, २९ अक्टू॰
अवधि: ४५ मिनट · सूर्योदय: ६:१७ पूर्वाह्न
आरंभ: ११:३४ पूर्वाह्न, ३० अक्टू॰
समाप्ति: १२:२० अपराह्न, ३० अक्टू॰
अवधि: ४५ मिनट · सूर्योदय: ६:१७ पूर्वाह्न
आरंभ: ११:३४ पूर्वाह्न, ३१ अक्टू॰
समाप्ति: १२:२० अपराह्न, ३१ अक्टू॰
अवधि: ४५ मिनट · सूर्योदय: ६:१८ पूर्वाह्न
अभिजित मुहूर्त दिन के ठीक मध्य भाग में पड़ने वाला अत्यंत शुभ मुहूर्त है। यह सूर्योदय और सूर्यास्त के मध्य बिंदु के आधार पर निर्धारित होता है।
यह गणना दिन के समय को 15 बराबर भागों (मुहूर्तों) में विभाजित करती है और 8वें मध्यवर्ती भाग को अभिजित काल मानती है।
अभिजित को दिन के सबसे बलवान मुहूर्तों में गिना जाता है और माना जाता है कि यह अनेक दोषों को दूर करता है। परंपरा के अनुसार भगवान राम का जन्म इसी समय हुआ था। अन्य शुभ मुहूर्त न मिलने पर यात्रा, व्यापार आरंभ और नए कार्यों के लिए इसका उपयोग होता है, परंतु बुधवार को इसे टाला जाता है।
यह पारंपरिक पंचांगीय मार्गदर्शन है। विशिष्ट अनुष्ठानों के लिए अपने स्थानीय पंचांग से परामर्श करें।
समय आपके चुने हुए स्थान के अनुसार निकाले गए हैं (जब तक आप कोई स्थान न चुनें, भारत के लिए)। अपने स्थान के पूरे दिन के लिए दैनिक पंचांग खोलें।