अशुभ (अमंगलकारी)•अशुभ समय · दिन या रात्रि में कभी भी · नक्षत्र से तय

वर्ज्यम्

चंद्रमा के नक्षत्र से तय काल, जो शुभ कार्यों में परंपरा से टाला जाता है।

अगली बार

३:१६ पूर्वाह्न, २३ अक्टू॰

आरंभ३:१६ पूर्वाह्न
समाप्ति४:५३ पूर्वाह्न
सूर्योदय६:१३ पूर्वाह्न
सूर्यास्त५:४३ अपराह्न
दिन की अवधि११ घं ३० मि
अवधि१ घं ३७ मि

अक्टूबर २०२६ का कार्यक्रम

स्थान: भारत

१गुरु

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ८:५९ अपराह्न, १ अक्टू॰

समाप्ति: १०:२८ अपराह्न, १ अक्टू॰

अवधि: १ घं २९ मि

२शुक्र

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ९:४२ पूर्वाह्न, २ अक्टू॰

समाप्ति: ११:११ पूर्वाह्न, २ अक्टू॰

अवधि: १ घं २९ मि

३शनि

अक्टूबर २०२६

आरंभ: १०:४९ पूर्वाह्न, ३ अक्टू॰

समाप्ति: १२:१९ अपराह्न, ३ अक्टू॰

अवधि: १ घं ३० मि

४रवि

अक्टूबर २०२६

आरंभ: १२:५२ अपराह्न, ४ अक्टू॰

समाप्ति: २:२३ अपराह्न, ४ अक्टू॰

अवधि: १ घं ३१ मि

५सोम

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ७:५२ पूर्वाह्न, ५ अक्टू॰

समाप्ति: ९:२४ पूर्वाह्न, ५ अक्टू॰

अवधि: १ घं ३२ मि

६मंगल

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ११:२९ पूर्वाह्न, ६ अक्टू॰

समाप्ति: १:०२ अपराह्न, ६ अक्टू॰

अवधि: १ घं ३३ मि

७बुध

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ९:५९ पूर्वाह्न, ७ अक्टू॰

समाप्ति: ११:३२ पूर्वाह्न, ७ अक्टू॰

अवधि: १ घं ३३ मि

७बुध

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ५:३३ पूर्वाह्न, ८ अक्टू॰

समाप्ति: ७:०८ पूर्वाह्न, ८ अक्टू॰

अवधि: १ घं ३५ मि

८गुरु

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ४:३२ पूर्वाह्न, ९ अक्टू॰

समाप्ति: ६:०८ पूर्वाह्न, ९ अक्टू॰

अवधि: १ घं ३६ मि

९शुक्र

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ५:५२ पूर्वाह्न, १० अक्टू॰

समाप्ति: ७:२९ पूर्वाह्न, १० अक्टू॰

अवधि: १ घं ३७ मि

१०शनि

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ५:५९ पूर्वाह्न, ११ अक्टू॰

समाप्ति: ७:३८ पूर्वाह्न, ११ अक्टू॰

अवधि: १ घं ३९ मि

११रवि

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ४:२७ पूर्वाह्न, १२ अक्टू॰

समाप्ति: ६:०८ पूर्वाह्न, १२ अक्टू॰

अवधि: १ घं ४१ मि

१२सोम

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ५:५४ पूर्वाह्न, १३ अक्टू॰

समाप्ति: ७:३७ पूर्वाह्न, १३ अक्टू॰

अवधि: १ घं ४३ मि

१३मंगल

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ६:०६ पूर्वाह्न, १४ अक्टू॰

समाप्ति: ७:५१ पूर्वाह्न, १४ अक्टू॰

अवधि: १ घं ४५ मि

१५गुरु

अक्टूबर २०२६

आरंभ: १०:१७ पूर्वाह्न, १५ अक्टू॰

समाप्ति: १२:०४ अपराह्न, १५ अक्टू॰

अवधि: १ घं ४७ मि

१६शुक्र

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ३:४७ अपराह्न, १६ अक्टू॰

समाप्ति: ५:३५ अपराह्न, १६ अक्टू॰

अवधि: १ घं ४८ मि

१७शनि

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ७:५९ पूर्वाह्न, १७ अक्टू॰

समाप्ति: ९:४७ पूर्वाह्न, १७ अक्टू॰

अवधि: १ घं ४८ मि

१७शनि

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ८:३६ अपराह्न, १७ अक्टू॰

समाप्ति: १०:२४ अपराह्न, १७ अक्टू॰

अवधि: १ घं ४८ मि

१८रवि

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ९:४५ अपराह्न, १८ अक्टू॰

समाप्ति: ११:३३ अपराह्न, १८ अक्टू॰

अवधि: १ घं ४८ मि

१९सोम

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ८:०२ अपराह्न, १९ अक्टू॰

समाप्ति: ९:४८ अपराह्न, १९ अक्टू॰

अवधि: १ घं ४६ मि

२०मंगल

अक्टूबर २०२६

आरंभ: १०:१९ अपराह्न, २० अक्टू॰

समाप्ति: १२:०३ पूर्वाह्न, २१ अक्टू॰

अवधि: १ घं ४४ मि

२१बुध

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ३:१८ पूर्वाह्न, २२ अक्टू॰

समाप्ति: ४:५८ पूर्वाह्न, २२ अक्टू॰

अवधि: १ घं ४० मि

२२गुरु

अक्टूबर २०२६

आज

आरंभ: ३:१६ पूर्वाह्न, २३ अक्टू॰

समाप्ति: ४:५३ पूर्वाह्न, २३ अक्टू॰

अवधि: १ घं ३७ मि

२४शनि

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ६:२६ पूर्वाह्न, २४ अक्टू॰

समाप्ति: ८:०० पूर्वाह्न, २४ अक्टू॰

अवधि: १ घं ३४ मि

२५रवि

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ७:५७ पूर्वाह्न, २५ अक्टू॰

समाप्ति: ९:२८ पूर्वाह्न, २५ अक्टू॰

अवधि: १ घं ३१ मि

२६सोम

अक्टूबर २०२६

आरंभ: १:५८ अपराह्न, २६ अक्टू॰

समाप्ति: ३:२७ अपराह्न, २६ अक्टू॰

अवधि: १ घं २९ मि

२६सोम

अक्टूबर २०२६

आरंभ: २:२८ पूर्वाह्न, २७ अक्टू॰

समाप्ति: ३:५६ पूर्वाह्न, २७ अक्टू॰

अवधि: १ घं २८ मि

२७मंगल

अक्टूबर २०२६

आरंभ: २:३२ पूर्वाह्न, २८ अक्टू॰

समाप्ति: ४:०० पूर्वाह्न, २८ अक्टू॰

अवधि: १ घं २८ मि

२८बुध

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ३:५६ पूर्वाह्न, २९ अक्टू॰

समाप्ति: ५:२३ पूर्वाह्न, २९ अक्टू॰

अवधि: १ घं २७ मि

२९गुरु

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ४:१८ अपराह्न, २९ अक्टू॰

समाप्ति: ५:४५ अपराह्न, २९ अक्टू॰

अवधि: १ घं २७ मि

३०शुक्र

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ४:४९ अपराह्न, ३० अक्टू॰

समाप्ति: ६:१७ अपराह्न, ३० अक्टू॰

अवधि: १ घं २८ मि

३१शनि

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ६:२६ अपराह्न, ३१ अक्टू॰

समाप्ति: ७:५५ अपराह्न, ३१ अक्टू॰

अवधि: १ घं २९ मि

वर्ज्यम् के बारे में

वर्ज्यम् (वर्ज्य, जिसे त्याज्य या विष घटी भी कहते हैं) हर नक्षत्र के भीतर का वह समय है जिसे अशुभ मानकर छोड़ा जाता है। यह विशेष रूप से आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु में माना जाता है, और प्रायः अमृत काल के साथ दिया जाता है, जो इसी रीति से निकलता है।

  • दिन या रात्रि में कभी भी
  • नक्षत्र से तय
  • लगभग डेढ़ घंटा
  • शुभ कार्यों के लिए वर्जित

हर नक्षत्र में उसके आरंभ से घटियों में गिना गया एक निश्चित बिंदु होता है, जहाँ से वर्ज्यम् शुरू होता है। यह नक्षत्र की ६० घटियों में से ४ घटी, लगभग डेढ़ घंटा रहता है, और चंद्रमा को उस नक्षत्र को पार करने में लगे समय के अनुसार घटता-बढ़ता है। सूर्य नहीं, चंद्रमा के अनुसार चलने से यह किसी भी समय पड़ सकता है और कुछ दिनों में नहीं होता।

क्या टाला जाता है

विवाह, उपनयन, गृह प्रवेश और अन्य शुभ आरंभ वर्ज्यम् में नहीं रखे जाते। इसका नित्य पूजा पर कोई प्रभाव नहीं माना जाता।

यह पंचांग की पारंपरिक जानकारी है, किसी फल की गारंटी नहीं। इन कालों के नियम अलग-अलग परंपराओं में भिन्न हैं; किसी विशेष संस्कार के लिए अपने कुल-पुरोहित से पूछें या अपना पंचांग देखें।

समय आपके चुने हुए स्थान के अनुसार निकाले गए हैं (जब तक आप कोई स्थान न चुनें, भारत के लिए)। अपने स्थान के पूरे दिन के लिए दैनिक पंचांग खोलें।