अशुभ (अमंगलकारी)•अशुभ समय · दिन में · दिन के आठ भागों में से एक

गुलिक काल

गुलिक का दैनिक काल, जिसमें महत्वपूर्ण कार्य का आरंभ परंपरा से टाला जाता है।

अगली बार

७:४० पूर्वाह्न, २३ अक्टू॰

आरंभ७:४० पूर्वाह्न
समाप्ति९:०६ पूर्वाह्न
सूर्योदय६:१४ पूर्वाह्न
सूर्यास्त५:४३ अपराह्न
दिन की अवधि११ घं २९ मि
अवधि१ घं २६ मि

अक्टूबर २०२६ का कार्यक्रम

स्थान: भारत

१गुरु

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ९:०४ पूर्वाह्न, १ अक्टू॰

समाप्ति: १०:३४ पूर्वाह्न, १ अक्टू॰

अवधि: १ घं ३० मि · सूर्योदय: ६:०५ पूर्वाह्न

२शुक्र

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ७:३५ पूर्वाह्न, २ अक्टू॰

समाप्ति: ९:०५ पूर्वाह्न, २ अक्टू॰

अवधि: १ घं ३० मि · सूर्योदय: ६:०६ पूर्वाह्न

३शनि

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ६:०६ पूर्वाह्न, ३ अक्टू॰

समाप्ति: ७:३५ पूर्वाह्न, ३ अक्टू॰

अवधि: १ घं २९ मि · सूर्योदय: ६:०६ पूर्वाह्न

४रवि

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ३:०१ अपराह्न, ४ अक्टू॰

समाप्ति: ४:३० अपराह्न, ४ अक्टू॰

अवधि: १ घं २९ मि · सूर्योदय: ६:०६ पूर्वाह्न

५सोम

अक्टूबर २०२६

आरंभ: १:३१ अपराह्न, ५ अक्टू॰

समाप्ति: ३:०० अपराह्न, ५ अक्टू॰

अवधि: १ घं २९ मि · सूर्योदय: ६:०७ पूर्वाह्न

६मंगल

अक्टूबर २०२६

आरंभ: १२:०२ अपराह्न, ६ अक्टू॰

समाप्ति: १:३१ अपराह्न, ६ अक्टू॰

अवधि: १ घं २९ मि · सूर्योदय: ६:०७ पूर्वाह्न

७बुध

अक्टूबर २०२६

आरंभ: १०:३३ पूर्वाह्न, ७ अक्टू॰

समाप्ति: १२:०२ अपराह्न, ७ अक्टू॰

अवधि: १ घं २९ मि · सूर्योदय: ६:०७ पूर्वाह्न

८गुरु

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ९:०५ पूर्वाह्न, ८ अक्टू॰

समाप्ति: १०:३३ पूर्वाह्न, ८ अक्टू॰

अवधि: १ घं २८ मि · सूर्योदय: ६:०८ पूर्वाह्न

९शुक्र

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ७:३६ पूर्वाह्न, ९ अक्टू॰

समाप्ति: ९:०५ पूर्वाह्न, ९ अक्टू॰

अवधि: १ घं २९ मि · सूर्योदय: ६:०८ पूर्वाह्न

१०शनि

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ६:०८ पूर्वाह्न, १० अक्टू॰

समाप्ति: ७:३६ पूर्वाह्न, १० अक्टू॰

अवधि: १ घं २८ मि · सूर्योदय: ६:०८ पूर्वाह्न

११रवि

अक्टूबर २०२६

आरंभ: २:५७ अपराह्न, ११ अक्टू॰

समाप्ति: ४:२५ अपराह्न, ११ अक्टू॰

अवधि: १ घं २८ मि · सूर्योदय: ६:०९ पूर्वाह्न

१२सोम

अक्टूबर २०२६

आरंभ: १:२८ अपराह्न, १२ अक्टू॰

समाप्ति: २:५६ अपराह्न, १२ अक्टू॰

अवधि: १ घं २८ मि · सूर्योदय: ६:०९ पूर्वाह्न

१३मंगल

अक्टूबर २०२६

आरंभ: १२:०० अपराह्न, १३ अक्टू॰

समाप्ति: १:२८ अपराह्न, १३ अक्टू॰

अवधि: १ घं २८ मि · सूर्योदय: ६:०९ पूर्वाह्न

१४बुध

अक्टूबर २०२६

आरंभ: १०:३३ पूर्वाह्न, १४ अक्टू॰

समाप्ति: १२:०० अपराह्न, १४ अक्टू॰

अवधि: १ घं २७ मि · सूर्योदय: ६:१० पूर्वाह्न

१५गुरु

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ९:०५ पूर्वाह्न, १५ अक्टू॰

समाप्ति: १०:३२ पूर्वाह्न, १५ अक्टू॰

अवधि: १ घं २७ मि · सूर्योदय: ६:१० पूर्वाह्न

१६शुक्र

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ७:३८ पूर्वाह्न, १६ अक्टू॰

समाप्ति: ९:०५ पूर्वाह्न, १६ अक्टू॰

अवधि: १ घं २७ मि · सूर्योदय: ६:११ पूर्वाह्न

१७शनि

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ६:११ पूर्वाह्न, १७ अक्टू॰

समाप्ति: ७:३८ पूर्वाह्न, १७ अक्टू॰

अवधि: १ घं २७ मि · सूर्योदय: ६:११ पूर्वाह्न

१८रवि

अक्टूबर २०२६

आरंभ: २:५३ अपराह्न, १८ अक्टू॰

समाप्ति: ४:२० अपराह्न, १८ अक्टू॰

अवधि: १ घं २७ मि · सूर्योदय: ६:११ पूर्वाह्न

१९सोम

अक्टूबर २०२६

आरंभ: १:२६ अपराह्न, १९ अक्टू॰

समाप्ति: २:५३ अपराह्न, १९ अक्टू॰

अवधि: १ घं २७ मि · सूर्योदय: ६:१२ पूर्वाह्न

२०मंगल

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ११:५९ पूर्वाह्न, २० अक्टू॰

समाप्ति: १:२५ अपराह्न, २० अक्टू॰

अवधि: १ घं २६ मि · सूर्योदय: ६:१२ पूर्वाह्न

२१बुध

अक्टूबर २०२६

आरंभ: १०:३२ पूर्वाह्न, २१ अक्टू॰

समाप्ति: ११:५९ पूर्वाह्न, २१ अक्टू॰

अवधि: १ घं २७ मि · सूर्योदय: ६:१३ पूर्वाह्न

२२गुरु

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ९:०६ पूर्वाह्न, २२ अक्टू॰

समाप्ति: १०:३२ पूर्वाह्न, २२ अक्टू॰

अवधि: १ घं २६ मि · सूर्योदय: ६:१३ पूर्वाह्न

२३शुक्र

अक्टूबर २०२६

अगली बार

आरंभ: ७:४० पूर्वाह्न, २३ अक्टू॰

समाप्ति: ९:०६ पूर्वाह्न, २३ अक्टू॰

अवधि: १ घं २६ मि · सूर्योदय: ६:१४ पूर्वाह्न

२४शनि

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ६:१४ पूर्वाह्न, २४ अक्टू॰

समाप्ति: ७:४० पूर्वाह्न, २४ अक्टू॰

अवधि: १ घं २६ मि · सूर्योदय: ६:१४ पूर्वाह्न

२५रवि

अक्टूबर २०२६

आरंभ: २:५० अपराह्न, २५ अक्टू॰

समाप्ति: ४:१५ अपराह्न, २५ अक्टू॰

अवधि: १ घं २५ मि · सूर्योदय: ६:१५ पूर्वाह्न

२६सोम

अक्टूबर २०२६

आरंभ: १:२४ अपराह्न, २६ अक्टू॰

समाप्ति: २:५० अपराह्न, २६ अक्टू॰

अवधि: १ घं २६ मि · सूर्योदय: ६:१५ पूर्वाह्न

२७मंगल

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ११:५८ पूर्वाह्न, २७ अक्टू॰

समाप्ति: १:२४ अपराह्न, २७ अक्टू॰

अवधि: १ घं २६ मि · सूर्योदय: ६:१६ पूर्वाह्न

२८बुध

अक्टूबर २०२६

आरंभ: १०:३२ पूर्वाह्न, २८ अक्टू॰

समाप्ति: ११:५८ पूर्वाह्न, २८ अक्टू॰

अवधि: १ घं २६ मि · सूर्योदय: ६:१६ पूर्वाह्न

२९गुरु

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ९:०८ पूर्वाह्न, २९ अक्टू॰

समाप्ति: १०:३३ पूर्वाह्न, २९ अक्टू॰

अवधि: १ घं २५ मि · सूर्योदय: ६:१७ पूर्वाह्न

३०शुक्र

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ७:४२ पूर्वाह्न, ३० अक्टू॰

समाप्ति: ९:०७ पूर्वाह्न, ३० अक्टू॰

अवधि: १ घं २५ मि · सूर्योदय: ६:१७ पूर्वाह्न

३१शनि

अक्टूबर २०२६

आरंभ: ६:१८ पूर्वाह्न, ३१ अक्टू॰

समाप्ति: ७:४३ पूर्वाह्न, ३१ अक्टू॰

अवधि: १ घं २५ मि · सूर्योदय: ६:१८ पूर्वाह्न

गुलिक काल के बारे में

गुलिक काल, जिसे गुलिकै कालम या कुलिगै भी कहते हैं, दिन का वह भाग है जिसके स्वामी गुलिक (मांदि) हैं, जिन्हें ज्योतिष में शनि का पुत्र बताया गया है। यह हर दिन एक बार आता है, दिन के उस भाग में जो वार से तय होता है।

  • दिन में
  • दिन के आठ भागों में से एक
  • लगभग डेढ़ घंटा
  • नए आरंभ के लिए वर्जित

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिनमान को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। रविवार को गुलिक सातवें भाग का स्वामी है और उसके बाद हर दिन एक भाग पहले, शनिवार को पहले भाग तक। दिन की लंबाई ऋतु और स्थान के साथ बदलती है, इसलिए समय भी बदलता है।

वारदिन का भाग (आठ में से)
रविवारभाग ७
सोमवारभाग ६
मंगलवारभाग ५
बुधवारभाग ४
गुरुवारभाग ३
शुक्रवारभाग २
शनिवारभाग १

क्या टाला जाता है

मान्यता है कि गुलिक काल में किया गया कार्य दोहराया जाता है। इसलिए इसमें ऋण लेना, अंत्येष्टि और ऐसे कार्य टाले जाते हैं जिनका दोहराव कोई न चाहे, जबकि कुछ दक्षिण भारतीय परिवार इसे ऋण चुकाने या सोना खरीदने के लिए अच्छा मानते हैं।

यह पंचांग की पारंपरिक जानकारी है, किसी फल की गारंटी नहीं। इन कालों के नियम अलग-अलग परंपराओं में भिन्न हैं; किसी विशेष संस्कार के लिए अपने कुल-पुरोहित से पूछें या अपना पंचांग देखें।

समय आपके चुने हुए स्थान के अनुसार निकाले गए हैं (जब तक आप कोई स्थान न चुनें, भारत के लिए)। अपने स्थान के पूरे दिन के लिए दैनिक पंचांग खोलें।